HINDI

Athato Bhakti Jigyasa - Commentary on the Bhakti Sutras of Shandilya

Book information

Language
hindi
Format
PDF
Filesize
4 MB (4647881 bytes)
Volume
1
Pages
\389
Time added
2021-10-24 00:45:45

Description

भक्ति जीवन का परम स्वीकार है प्रीति को कामना से मुक्त करो भक्ति परमात्मा की किरण है प्रीति-स्नेह-प्रेम-श्रद्धा-भक्ति भक्ति यानी जीने का प्रारंभ भक्त के मिटने में भगवान का उदय स्वानुभव ही श्रद्धा है प्रीति की पराकाष्ठा भक्ति है अनुराग है तुम्हारा अस्तित्व संन्यास शिष्यत्व की पराकाष्ठा है भक्ति आत्यंतिक क्रांति है भक्ति एकमात्र धर्म स्वभाव यानी परमात्मा परमात्मा परमनिर्धारणा का नाम भक्ति अंतिम सिद्धि है धर्म आमूल बगावत है भक्ति अति स्वाभाविक है विरह की परिपूर्णता ही परमात्मा से मिलन सब हो रहा है अद्वैत प्रीति की परमदशा है

Similar books