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Athato Bhakti Jigyasa - Commentary on the Bhakti Sutras of Shandilya

Book information

Language
hindi
Format
PDF
Filesize
5 MB (4808906 bytes)
Volume
2
Pages
\466
Time added
2021-10-24 00:41:26

Description

भगवान को नहीं, भक्ति को खोजो परमात्मा के प्रति राग है भक्ति गौणी-भक्ति में लगो, पराभक्ति की प्रतीक्षा करो प्रार्थना निरालंब दशा है सब जागरण उसका है संसार जड़ है, अध्यात्म फूल है विराट से मैत्री है भक्ति सुख से चुकाओ मूल्य परमात्मा को पाने का भक्ति अकर्मण्यता नहीं, अकर्ताभाव है धर्म है मनुष्य के गीत का प्रकट हो जाना पदार्थ : अणुशक्ति; चेतना : प्रेमशक्ति अभीप्सा व प्रतीक्षा की एक साथ पूर्णता--प्रार्थना विकास, क्रांति और उत्क्रांति जागरण है द्वार स्वर्ग का सदगुरु शास्त्रों का पुनर्जन्म है मौजूदगी ही उसकी है ऊर्ध्वगति का आयाम है परमात्मा जगत की सबसे बड़ी बुद्धिमत्ता : प्रेम प्रेम ही मंदिर है मिलन होता है

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