HINDI

Tao Upanishad / Tao Te Ching

Book information

Language
hindi
Format
PDF
Filesize
4 MB (4553920 bytes)
Volume
6
Pages
\406
Time added
2021-10-24 02:39:36

Description

मेरे तीन खजानेः प्रेम और अन-अति और अंतिम होना प्रेम को सम्हाल लो, सब सम्हल जाएगा परमात्मा परम लयबद्धता है श्रेष्ठता वह जो अकेली रह सके असंघर्षः सारा अस्तित्व सहोदर है आक्रामक नहीं, आक्रांत होना श्रेयस्कर है मुझसे भी सावधान रहना संत को पहचानना महा कठिन है मूर्च्छा रोग है और जागरण स्वास्थ्य संत स्वयं को प्रेम करते हैं मुक्त व्यवस्था--संत और स्वर्ग की अभय और प्रेम जीवन के आधार हों राजनीति को उतारो सिंहासन से धर्म का सूर्य अब पश्चिम में उगेगा जीवन कोमल है और मृत्यु कठोर संत संसार भर को देता है, और बेशर्त निर्बल के बल राम प्रत्येक व्यक्ति अपने लिए जिम्मेवार है राज्य छोटा और निसर्गोन्मुख हो परमात्मा का आशीर्वाद बरस रहा है प्रेम और प्रेम में भेद है

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