HINDI

Ashtavakra Mahageeta (Gita)

Book information

Language
hindi
Format
PDF
Filesize
3 MB (2858336 bytes)
Volume
5
Pages
\303
Time added
2021-10-17 19:56:28

Description

शुष्कपर्णवत जीयो घन बरसे महाशय को कैसा मोक्ष! एकाकी रमता जोगी जानो और जागो! अपनी बानी प्रेम की बानी दृश्य से द्रष्टा में छलांग मन तो मौसम-सा चंचल स्वातंत्र्यात् परमं पदम् दिल का देवालय साफ करो निराकार, निरामय साक्षित्व सदगुरुओं के अनूठे ढंग मूढ़ कौन, अमूढ़ कौन! अवनी पर आकाश गा रहा मन का निस्तरण

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